एक प्रश्न

एक प्रश्न जो मुझमें करवटें बदलता है , दिलों में ना जाने कितनी ख्वाहिशों का दिया जलता है, जाने कौन सा अरमाँ मोम की तरह पिघलता है , कौन जाने क्या है किसी के मन में , ज़िन्दगी के थपेड़ों से कौन गिरता कौन सम्भालता है।  हँसते हुए चेहरे के पीछे , कितना है ग़म